Friday, 30 December 2011

हाईकोर्ट जाने की तैयारी में टीईटी उर्दू के अभ्यर्थी

वरिष्ठ संवाददाता, इलाहाबाद : माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा 13 नवंबर को ली गई शिक्षक पात्रता परीक्षा में उर्दू अभ्यर्थियों की समस्याओं का समाधान नहीं हो सका है। निराश अभ्यर्थी कोई सुनवाई न होने पर अब इलाहाबाद हाईकोर्ट की शरण में जाने की तैयारी में हैं। शिक्षक पात्रता परीक्षा का परिणाम 25 नवंबर को घोषित किया गया था। प्रश्नों और विकल्पों पर आपत्तियां मिलने के बाद परिषद ने परीक्षा परिणाम संशोधित कर दिया। प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्तर में कुछ प्रश्नों को गलत मानते हुए उन्हें संशोधित कर सभी को समान अंक दिए गए। उर्दू के अभ्यर्थियों का कहना है कि उर्दू में कई प्रश्न गलत हैं पर परिषद ने एक भी प्रश्न को सही नहीं किया और नही उनके बदले में अंक दिया गया। उर्दू अभ्यर्थियों का कहना है कि उर्दू भाषा के प्राथमिक स्तर की सी सीरीज की बुकलेट में प्रश्न संख्या 68 में पूछा गया है कि इस्में खास की कितनी किस्में हैं। यूपी बोर्ड के विशेषज्ञों ने इस्में खास की चार किस्मों को सही माना है, जबकि अभ्यर्थियों का साक्ष्यों के साथ कहना है कि इस्में खास की 6 किस्में हैं। इसके अलावा सी सीरीज की बुकलेट में प्रश्न संख्या 81 में पूछा गया है कि जमीर की कितनी किस्में हैं। यूपी बोर्ड ने जमीर की चार किस्मों को माना है, जबकि अभ्यर्थी साक्ष्यों के साथ पांच किस्मों को सही मान रहे हैं। ऐसे में अभ्यर्थियों ने कई बार बोर्ड को आपत्तियां दी हैं पर कोई संशोधन नहीं किया गया। बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि विशेषज्ञों की राय में बोर्ड के विकल्प सही हैं, लिहाज कोई संशोधन नहीं किया जाएगा। बोर्ड के इस रवैये से निराश अभ्यर्थी हाईकोर्ट की शरण में जाने की तैयारी कर रहे हैं।

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